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दस्त लगने की समस्या (Loose Motion or Diarrhea)

दस्त लगने Loose motion or Diarrhea की समस्या कभी ना कभी सभी को होती है। इसमें मल बहुत पतला और बार बार आता है। एक दो बार दस्त होना सामान्य होता है पर ज्यादा होना ठीक नहीं होता है।

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अधिक दस्त होने से शरीर में पानी और खनिज तत्वों की कमी हो जाती है, जो हानिकारक हो सकता है। दस्त लगने पर जोरदार प्रेशर बनता है और पतला या पानी जैसा मल निकलता है। पतला मल निकलने के अलावा पेट में दर्द, खिंचाव, मरोड़ आदि हो सकते है। कभी कभी जी घबराता है या उल्टी भी हो सकती है।
यदि दस्त के साथ रक्त आता हो, मवाद आती हो, भोजन के टुकड़े बिना पचे निकलते हो या तेज बुखार हो तो समस्या गम्भीर है, चेकअप करवा लेना चाहिए।

दस्त के कारण

दस्त लगने का मुख्य कारण आंतों में संक्रमण होता है। आंतों में संक्रमण वायरस, बैक्टीरिया या परजीवी की वजह से हो सकता है। ठंडे प्रदेशों से गर्म प्रदेश में घूमने जाने वाले लोगों में दस्त की समस्या बहुत होती है जिसका कारण संक्रमित खाना पीना होता है।

इससे आंतो में मौजूद बैक्टीरिया सक्रिय होकर टॉक्सिन पैदा करते है जिसके कारण दस्त लग जाते है। ये दस्त 4-5 दिन में अपने आप ठीक हो जाते है।

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बारिश के मौसम में अधिकतर दूषित खाने पीने से दस्त लग जाते है। ठंडा या बासी भोजन में ऐसे बेक्टेरिया हो सकते है जिनके कारण फूड पॉइजनिंग हो जाती है और दस्त लग जाते है। ऐसा खाना खाने के तीन चार घंटे बाद फूड पॉइजनिंग के लक्षण प्रकट होते है।

सड़क पर मिलने वाले या नाले के आस पास मिलने वाले खाने पीने के सामान जैसे पानी पूरी, चाट, भेल पुरी आदि में सूक्ष्म अमीबा जैसे कीटाणुओं का संक्रमण होने की अत्यधिक सम्भावना होती है। ऐसे सामान को खाने से पाचन तंत्र संक्रमित हो जाता है और दस्त या दूसरी कई तरह की परेशानी पैदा हो जाती है।

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दस्त लगने का कारण दवाएँ भी हो सकती है। एसीडिटी में ली जाने वाली एंटासिड या मल्टी विटामिन जिसमे मैग्नेशियम होता है दस्त लगा सकती हैं। एंटी बायोटिक या दर्द निवारक दवा या ब्लड प्रेशर के लिए ली जाने वाली दवा भी दस्त का कारण हो है।

वृद्धावस्था में खानपान में थोड़ा भी बदलाव या थोड़ा सा भी तनाव दस्त का कारण बन जाता है। ये बहुत सामान्य होता है। इससे कमजोरी नहीं आती और ना ही ये घातक होता है।

दस्त मिटने के घरेलू उपाय

दस्त लगने पर अनाज खाना बंद करके दही-चावल, केले, बेल का मुरब्बा आदि लेना चाहिए और पानी में नमक चीनी मिलाकर थोड़ा थोड़ा लगातार पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी ना हो।

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नीचे बताये गए लूज़ मोशन के घरेलू नुस्खे अपनाने से दस्त ठीक हो सकते हैं।

  • इसबगोल की भूसी -100 ग्राम, सौंफ -50 ग्राम, सौंठ का चूर्ण -25 ग्राम , मिश्री -50 ग्राम इस सबको बारीक पीस कर मिला लें। ये मिश्रण आधा चम्मच दिन में तीन बार पानी के साथ लें। इससे दस्त मिट जाते है। इससे खूनी आंव वाले दस्त और पेचिश भी ठीक होते है।
  • एक कटोरी दही में आधा चम्मच इसबगोल और एक चम्मच शहद मिला लें। एक पका हुआ केला और ये दही साथ में धीरे धीरे करके खा लें। दस्त बंद हो जाएंगे।
  • दो लौंगऔर तीन चम्मच अनार का छिलका पीस कर एक गिलास पानी में डालकर उबाल लें। आधा रह जाने पर तीन हिस्से करके दिन में तीन बार पिएं। इससे दस्त बंद होते है।
  • एक चम्मच खसखस पीस कर आधी कटोरी दही में मिलाकर दिन में दो तीन बार खाने से लूज़ मोशन बंद हो जाते है।
  • एक सेब के टुकड़े करके दो ग्लास पानी में उबाल ले। आधा रहने पर ठंडा करके पी लें, दस्त ठीक होंगे।
  • कच्ची सौंफ पीस लें। थोड़ी सौंफ भून कर पीस ले। ये दोनों तरह की सौंफ आधा आधा चम्मच मिलाकर इसमें आधा चम्मच पिसी हुई मिश्री मिला लें। ये मिश्रण सुबह शाम पानी के साथ निगल लें। आंव व मरोड़ के साथ बार बार दस्त के लिए उत्तम उपाय है।
  • हरड़ , पीपल और सेंधा नमक बराबर मात्रा में लेकर पीस कर मिला लें। ये चूर्ण खाना खाने के बाद लेने से Pechish में आराम आता है। आंव युक्त पेचिश में बहुत लाभदायक है।
  • दो चुटकी पीसी हुई फिटकरी बेल के जूस में डालकर पीने से दस्त में आराम लगता है।
  • एक कप बेल का जूस और एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में तीन बार पिएँ।
  • 15-20 अनार के पत्ते पीस कर आधा ग्लास पानी में मिलाकर छानकर सुबह शाम पीने से खूनी दस्त ठीक होते है।
  • दो केले दो ग्लास पानी में उबालें। आधा रह जाए तब ठंडा करके इसे घूंट घूंट करके पिएँ,दस्त में आराम आएगा।
  • आधा कप ताजा दही ( खट्टा ना हो ) को मथ लें। इसमें एक कप पानी मिला दें। अब इसमें एक चम्मच लवण भास्कर चूर्ण मिला दें। इसे सुबह खाना खाते समय बीच बीच में एक एक घूंट करके पी लें। 4-5 दिन इसे लेने से पाचन क्रिया सुधर जाएगी और दस्त बंद होकर पेट में आराम आएगा।
  • सूखा आंवला 10 ग्राम और काली हरड़ 5 ग्राम दोनों को बारीक पीस का मिला लें। इसमें से आधा चम्मच सुबह शाम लेने से हर प्रकार के दस्त ठीक होते है।
  • आधा कप पानी उबाल लें। इसमें एक चम्मच अदरक का रस मिलाएँ। चाय की तरह गर्म गर्म पी लें। हर दो घंटे से लें। दस्त में अवश्य आराम मिलेगा।
  • दस्त लगे हों तो दूध का उपयोग नहीं करना चाहिए। छाछ पीनी चाहिए।
  • खाना खाते ही प्रेशर बनता हो , दस्त जाने की आदत हो तो- 100 ग्राम साबुत धनिया और 25 ग्राम काला नमक पीस कर रख लें। खाना खाने के बाद इसे आधा चम्मच पानी से फांक लें। दो सप्ताह लगातार लेने से ये बुरी आदत छूट जाएगी।

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