बच्चों को लिखना कैसे सिखाया जाए

कॉम्पिटिशन के इस दौर में आजकल हर पैरेंट्स चाहते है कि उनका बच्चा सबसे तेज बने। इसके लिए वे बच्चे को 2-3 साल में ही प्ले स्कूल में डाल देते हैं। इसके बाद पैरेंट्स की इच्छा होती है कि उनका बच्चा जल्द से जल्द लिखना व पढ़ना सीखे। बच्चों को लिखना कैसे सिखाये ये सब से ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। लिखना पढ़ाई की सबसे पहली कड़ी है और जरूरी नहीं कि हर बच्चा आसानी से लिखना सीख जाए।

ऐसी स्थिति में कई बार पैरेंट्स बच्चे पर दबाव भी डालते हैं, लेकिन इसका रिजल्ट पॉजिटिव नहीं आता। आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे तरीके जिनकी साहयता से आप अपने बच्चों को लिखना सिखा सकते है।

अकसर पैरेंटस की ये शिकायत रहती है कॉपी पर नही लिखता। अच्छा आप एक बात बताईए कि आप कागज पैन का कितना इस्तेमाल करती हैं। बच्चा अगर आपको कुछ लिखते देखेगा तो उसका भी मन करेगा कि वो लिखे पर जब वो देखेगा ही नहीं, तो उसमें शौक कैसा बनेगा, तो खुद भी अपने लिए पेपर पैन रखे।

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पैशेंस रखते हुए बच्चों को पूरा समय दीजिए …उनके साथ बैठिए…वो टिक कर नही बैठेगा…ये तो मान कर चलिए…जिस दिन वो टिक गया समझ लो आधी लडाई आपने जीत ली।

कलरों की सहयता से

बच्चों को कलर काफी पसंद आते है। आप इनकी सहयता से भी उनमें लिखने की इच्छा जगा सकते हैं। बच्चों को कलर लाकर दें और किसी भी पेपर पर उसे चलाने को कहें। इससे उनका  ग्रिप मजबूत हो जाएगा, तो लिखने में दिक्कत नहीं होगी।

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खेल खेल में लिखना

सबसे बडी बात ये हैं कि उन्हें force न किया जाए , इन्हें ये न कहा जाए कि लिखो लिखो  … ये कहिए कि खेल खेलते है .. गेम खेलते हैं Let’s play a game.

बच्चों को लिखना कैसे सिखाया जाए

जैसे बच्चों से कहें कि हम आज मुंह से बात नही करेंगें जो भी करेंगें लिख कर करेंगें … आपको toffee चाहिए … पैंसिल चाहिए तो आप ड्रा करके बताओ और मैं भी उसका जवाब वैसे ही दूंगी … इससे उसमे interest पैदा होगा …

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इसलिए वो कुछ लिखें तो उसे encourage करना बहुत जरुरी है फिर देखिए कभी भी दिक्कत नही होगी।

बच्चों को प्रोत्साहित करें

अगर आप चाहते हैं कि बच्चा कोई भी काम अच्छे से करे, तो उसके लिए उसे प्रोत्साहित करना सबसे ज्यादा जरूरी है। लिखने की कला सिखाने में भी यह जरूरी है। अगर बच्चा जरा सा भी पैन चलाए या कुछ बनाए तो उसे प्रोत्साहित करें। दूसरे बच्चों का नाम लेकर उसकी तुलना करते हुए अपने बच्चे को जीनियस बताएं। इससे वह और अच्छा करेगा। उसे कभी भी हतोत्साहित न करें, ये बातें न कहें कि तुम्हें तो कुछ नहीं आता।

पेन या पेंसिल पकड़ना

बच्चे को पेंसिल या पेन दें इसके बाद उन्हें दिखाएं कि उसे कैसे पकड़ना है। उसे उंगली व अंगूठे के बीच पैन पकड़ने की सलाह दें।

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व्हाइट बोर्ड व मार्कर की सहयता 

जब बच्चा पैन पकड़ना व उसे चलाना सीख जाए, तो लिखवाने की प्रैक्टिस शुरू कराएं। इसके लिए व्हाइट बोर्ड व मार्कर बच्चे को दें। इसके बाद बच्चे को अल्फाबेट या गिनती के कुछ अक्षर लिखकर दें और वैसे ही लिखने को कहें।

बच्चों को लिखना कैसे सिखाया जाए

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बच्चे को दिखाते हुए खुद भी लिखे

बच्चे अक्सर बड़ों को कॉपी करते हैं। ऐसे में आप बच्चे को दिखाते हुए कुछ लिखने बैठें। आपको देखकर वह भी लिखने की जिद करेगा। जब वह ऐसा करे, तो उसे दूसरा पैन व कॉपी दे दें और लिखने को कहें।

बच्चों को लिखना कैसे सिखाया जाए

बच्चों को प्रोत्साहित करें

अगर आप चाहते हैं कि बच्चा कोई भी काम अच्छे से करे, तो उसके लिए उसे प्रोत्साहित करना सबसे ज्यादा जरूरी है। लिखने की कला सिखाने में भी यह जरूरी है। अगर बच्चा जरा सा भी पैन चलाए या कुछ बनाए तो उसे प्रोत्साहित करें।

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बच्चों को लिखना कैसे सिखाया जाएदूसरे बच्चों का नाम लेकर उसकी तुलना करते हुए अपने बच्चे को जीनियस बताएं। इससे वह और अच्छा करेगा। उसे कभी भी हतोत्साहित न करें, ये बातें न कहें कि तुम्हें तो कुछ नहीं आता।