घरेलू इलाज से करें किडनी स्टोन का उपचार (Home Remedies for Kidney Stone)

घरेलू इलाज से करें किडनी स्टोन का उपचार

पथरी या किडनी स्टोन होना काफी आम समस्या है जो किसी को भी हो सकती है।

 

किडनी स्टोन/पथरी के कारण

किडनी स्टोन होने का सबसे मुख्य कारण होता है किडनी और मूत्राशय में यूरिक एसिड, फास्फोरस, कैल्शियम और ओक्सालिक एसिड का मिलना। इसके होने के अन्य कारण हैं – विटामिन डी का अत्यधिक सेवन, शरीर में मिनरल्स का असंतुलन, डिहाइड्रेशन, गठिया रोग होना और अनियमित जीवनशैली और खानपान।

 

पथरी के लक्षण

 

पथरी जितनी बड़ी होता है उतना ही ज्यादा दर्द होता है। इसके अन्य लक्षण हैं – बार-बार पेशाब लगना, पेशाब करते समय उसमें दर्द होना, जी मचलना, उल्टी आना और अत्यधिक पसीना आना।

 

नींबू का रस और ऑलिव ऑयल

नींबू के रस और ऑलिव ऑयल का मिश्रण कुदरती रूप से गॉलब्लेडर की पथरी को दूर करने में मदद करता है, लेकिन इसका इस्तेमाल किडनी की पथरी को दूर करने के लिए भी किया जाता है। नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड कैल्शियम आधारित किडनी स्टोर को तोड़ने में मदद करता है और साथ ही इसके आगे बढ़ने से भी रोकता है।

कैसे करें उपयोग

  • चौथाई कप नींबू का रस लें।
  • इतनी ही मात्रा में ऑलिव ऑयल मिला लें।
  • इस मिश्रण को पी लें और इसके बाद खूब पानी पियें।
  • दिन में दो तीन बार ऐसा करें। अगर पहली बार में ही किडनी स्टोन बाहर निकल जाए तो आपको इस उपचार की जरूरत नहीं है।

सिंहपर्णी फूल

सिंहपर्णी फूल किडनी स्टोन को जड़ से खत्म करने में बहुत फायदेमंद है। यह स्टोन को जड़ से साफ करने के साथ ही किडनी की मरम्मत भी करता है। यह एक किडनी टॉनिक के रूप में भी कार्य करता है जो कि गुर्दे के पत्थरों के लिए घरेलू उपचारों में से एक होने के अलावा पित्त के उत्पादन को उत्तेजित करता है। यह अपशिष्ट को खत्म करने, मूत्र उत्पादन बढ़ाने और पाचन में सुधार करने में मदद करता है। सिंहपर्णी फूल में विटामिन ए, बी, सी, डी और विभिन्न खनिजों जैसे पोटेशियम, लौह और जिंक भी होते हैं।

आपको ताजा सिंहपर्णी फूल मिल जाए तो आप उसका रस निकालकर सेवन कर सकते हैं। यह स्वाद में कड़वा होता है इसलिए आप इसके साथ नारंगी छील, अदरक और सेब को भी मिला सकते हैं। आप इसे दिन में 3 से 4 बार पी सकते हैं। यदि आपको यह फूल न मिले तो बाजार में इस फूल की चाय भी मिलती है आप उसका सेवन भी कर सकते हैं।

सेब का सिरका

सेब का सिरका पथरी को घोलने में मदद करता है। साथ ही ब्लड और यूरिन में इसका क्षारकारी प्रभाव (alkalizing effect) होता है।

  • एक कप गर्म पानी लें।
  • अब इसमें दो चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच शहद मिला दें।
  • अब इसे पी लें।
  • इस मिश्रण को दिन में दो तीन बार सेवन करें।

अनार

अनार के जूस और बीज दोनों में किडनी स्‍टोन को दूर करने की क्षमता और गुण होते हैं।

कैसे करें उपयोग

  • रोजाना एक अनार खायें या एक गिलास अनार का ताजा रस पियें। आप फ्रूट सलाद में भी अनार का सेवन कर सकते हैं।
  • विकल्‍प के रूप में आप एक चम्‍मच अनार के बीज को पीसकर उसका पेस्‍ट बना लीजिये। इस पेस्‍ट को बीन्‍स के सूप के साथ खाइये। इस मिश्रण से किडनी का स्‍टोन समाप्‍त हो जाएगा।

तुलसी

तुलसी को किडनी के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। यह पथरी को मूत्र मार्ग से बाहर निकालने में भी मदद करती है।

  • रोज सुबह एक-एक चम्मच तुलसी के रस और शहद को मिलाकर सेवन करें। ऐसा लगातार पांच-छः महीने तक करने से धीरे-धीरे आपकी पथरी मूत्र मार्ग से बाहर निकल जायगी। आप रोज सुबह ताजा तुलसी की पत्तियों को चबाकर भी सेवन कर सकते हैं।
  • नियमित तुलसी की चाय का सेवन भी फायदेमंद होता है। पांच-छः पत्तियों को पानी में 10 मिनट के लिए उबालें। अब इसमें k चम्मच शहद मिलकर सेवन करें।

तरबूज

तरबूज भी किडनी स्‍टोन को दूर करने में मदद करता है। तरबूज में कैल्शियम और मैग्‍नीशियम बहुतायत में होता है। पोटेशियम किडनी को स्‍वस्‍थ रखता है। यह पेशाब में एसिड के स्‍तर को भी नियंत्रित रखता है।

पोटेशिम के साथ ही इसमें काफी मात्रा में पानी भी होता है। इससे किडनी से स्‍टोन बाहर निकालने में मदद मिलती है। नियमित रूप से तरबूज का सेवन करने से आप किडनी स्‍टोन से बच सकते हैं। आप तरबूज के बीज भी खा सकते हैं।