आजमाएं दादी मां के नुस्‍खे, आपको छू भी नहीं पाएंगी बड़ी से बड़ी ये बीमारियां

इंसान के लिए सेहत (Health) उसका सबसे बड़ा खजाना होता है. आज के दौर में लाइफस्‍टाइल (LifeStyle) में बदलाव से जो बीमारियां पहले ओल्‍ड एज में होती थीं वो अब युवाओं को होने लगी हैं. इनमें बीपी, डायाबीटीज और हृदयरोग प्रमुख है. पुराने जमाने में लोग डॉक्‍टरों के पास कम जाते थे और दादी के नुस्‍खों से ही चंगे रहते थे. ऐसा नहीं है कि ये नुस्‍खे काम करना बंद कर दिए हैं, हकीकत ये है कि हम उन्‍हें अब आजमा नहीं रहे हैं. आइए कुछ ऐसे नुस्‍खों के बारे में जानें जिनसे बड़ी से बड़ी बीमारी भी छू मंतर हो जाएगी…!!!

Dadi Maa Ke Nuskhe

​इन घरेलू नुस्खों का नहीं है कोई साइड इफेक्ट

मुंबई के हिंदूजा हॉस्पिटल के जनरल फिजिशन डॉक्टर अनिल बलानी कहते हैं, घरेलू नुस्खे जिसमें सिंपल चीजें जैसे- शहद, फल, नैचरल ऑइल और जड़ी बूटियों का इस्तेमाल होता है वे सर्दी-खांसी जैसी कॉमन बीमारियों को दूर कर सकते हैं और अच्छी बात ये है कि इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। हालांकि इन नुस्खों का इस्तेमाल करते वक्त अपने विवेक का इस्तेमाल करें क्योंकि किसी भी चीज की अति बुरी होती है। धीरे-धीरे इन नुस्खों को लेकर लोगों के बीच भी जागरुकता बढ़ रही है और बहुत से घरेलू नुस्खे ऐसे भी हैं जिन्हें साइंस भी मानता है। ऐसे कॉमन दादी मां के घरेलू नुस्खों के बारे में हम आपको बता रहे हैं।

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​पेटदर्द दूर करने के लिए नींबू के रस में सेंधा नमक डालकर पिएं

नैचरल मिनरल्स से भरपूर सेंधा नमक, नमक का सबसे शुद्ध रूप है और यह सफेद नमक से कई गुना बेहतर होता है और यह पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। ऐसे में सेंधा नमक को नींबू के रस के साथ मिलाकर पीने से गैस की समस्या दूर होती है, डकार आते हैं और गैस पास करने में मदद मिलती है। साथ ही अगर ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की समस्या हो तो वो भी इस नुस्खे से दूर हो जाती है।

सावधानी बरतें- हार्ट और ब्लड प्रेशर के मरीजों को इस नुस्खे को अपनाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि ऐसे मरीजों को नमक कम खाने की सलाह दी जाती है।

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माइग्रेन और ऐंग्जाइटी के लिए लैवेंडर ऑइल

सिरदर्द हो रहा हो, माइग्रेट का अटैक हो, बेचैनी या चिंता महसूस हो रही हो तो इस तरह के मौकों पर लैवेंडर को सूंघने से आपकी तकलीफ कुछ कम हो सकती है। स्टडीज में भी यह बात साबित हो चुकी है कि लैवेंडर की चाय पीने से या फिर लैवेंडर ऑइल की कुछ बूंदों को रुमाल या टीशू पेपर पर डालकर सूंघने से ऐंग्जाइटी कम होती है, दिमाग और शरीर रिलैक्स होता है और स्ट्रेस लेवल में भी कमी आती है।

सावधानी- अगर माइग्रेन की दिक्कत है तो लैवेंडर दवा का सब्सिट्यूट नहीं हो सकता। ये सिर्फ दर्द को कुछ देर के लिए कम करने में मदद कर सकता है, ठीक करने में नहीं।

फ्लू और कॉमन कोल्ड दूर करने के लिए पिएं सूप

कॉमन कोल्ड और फ्लू में ऐंटिबायॉटिक्स असरदार नहीं होती क्योंकि ये वायरस से होने वाली बीमारी है और कॉमन कोल्ड को तुरंत दवा खाकर ठीक नहीं किया जा सकता बल्कि इलाज के जरिए सिर्फ कम किया जा सकता है। ऐसे में गर्मा गर्म सूप आपको कॉमन कोल्ड से राहत दिलाता है। सूप पीने से बंद नाक और गला खुल जाता है, कंठ में जो इरिटेशन हो रही होती है उसमें आराम मिलता है और कंजेशन भी कम होता है। साथ ही शरीर भी हाइड्रेट होता है जिससे जल्दी रिकवर करने में मदद मिलती है।

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चीकू खाने के फायदे और नुकसान

सावधानी- सूप पीने से आपको फ्लू और कॉमन कोल्ड में अस्थायी रूप से और कुछ समय के लिए आराम मिलता है लेकिन अगर 36 घंटे से ज्यादा समय तक लक्षणों में कोई कमी न आए तो डॉक्टर से संपर्क करें।

दर्द और बॉडी पेन दूर कर इम्यूनिटी बढ़ाता है हल्दी वाला दूध

हल्दी को दूध में उबालकर पीना एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है क्योंकि दूध प्रोटीन का बेस्ट सोर्स है जो घाव को भरने में मदद करता है और हल्दी में ऐंटी-इन्फ्लेमेट्री प्रॉपर्टीज होती हैं जो मसल्स में सूजन और जलन में राहत दिलाती हैं। हल्दी में कर्क्यूमिन भी होता है जो की एक स्ट्रॉन्ग ऐंटिऑक्सिडेंट है जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है।

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सावधानी बरतें- हल्दी वाले दूध को आप इलाज का सब्सिट्यूट नहीं मान सकते। अगर कोई ऐसी चोट या समस्या है जिसमें इलाज कराने और दवा खाने की जरूरत है तो उससे परहेज ना करें। आप दवा के साथ हल्दी वाला दूध पीना जारी रख सकते हैं।

शहद और अदरक से कफ होगा दूर

अदरक को पानी में उबालकर और फिर शहद के साथ खाया जाए तो यह कफ, गले में खराश और गला खराब होने की दिक्कत की बेस्ट रेमेडी है। वैसे भी अदरक को कफ को दबाने के लिए जाना जाता है। साथ ही इसमें ऐंटिऑक्सिडेंट भी होता है जो बीमारी से राहत दिलाता है। अदरक को शहद के साथ खाने से गले और कंठ में होने वाली सूजन और जलन में राहत मिलती है।

Dry Skin

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सावधानी बरतें- डायबीटीज के मरीज शहद की कितनी मात्रा का सेवन कर रहे हैं इसे लेकर सावधान रहें क्योंकि इससे उनका शुगर लेवल प्रभावित हो सकता है।

और भी कुछ नुस्‍खे है जिनको आप प्रयोग कर सकते है…!!!

  • ज्यादा से ज्यादा मीठी नीम/करी पत्‍ती अपने सब्‍जियों में डालें, सभी का स्वास्थ्य ठीक करेगा.
  • ज्यादा से ज्यादा चीजें लोहे की कढ़ाई में ही बनाएं. आयरन की कमी किसी को नहीं होगी.
  • भोजन का समय निश्चित करें.पेट ठीक रहेगा. भोजन के बीच बात न करें.भोजन ज्यादा पोषण देगा.
  • नाश्ते में अंकुरित अन्न शामिल करें.पोषक विटामिन और फाइबर मिलेंगे.
  • सुबह के खाने के साथ देशी गाय के दूध का बना ताजा दही लें, पेट ठीक रहेगा.
  • चीनी कम से कम प्रयोग करें.ताउम्र हड्डियां ठीक रहेंगी.
  • चीनी की जगह बिना मसाले का गुड़ या देशी शक्कर ले.

  • केवल सेंधा नमक प्रयोग करे. थायराइड, बीपी और पेट ठीक होगा.
  • केवल स्टील के कुकर ही प्रयोग करें.अल्युमिनियम में मिले हुए लेड से होने वाले नुकसानों से बचेंगे.
  • रिफाइंड तेल के बजाय केवल तिल. मूंगफली, सरसों और नारियल का प्रयोग करें. रिफाइंड में बहुत केमिकल होते हैं, जो शरीर में कई तरह की बीमारियां पैदा करते हैं.
  • सोयाबीन बड़ी को 2 घंटे भिगो कर मसल कर ज़हरीली झाग निकल कर ही प्रयोग करें.
  • रसोई में एग्जास्ट फैन जरूरी है. प्रदूषित हवा बाहर करें.
  • काम करते समय स्वयं को अच्छा लगने वाला संगीत चलाएं.खाने में भी अच्छा प्रभाव आएगा और थकान भी कम होगी.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Day2DayTips.in इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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